न्यायाधिक्कता

भारतीय नौसेना

असैनिक जगत के अन्य व्यवसायों की तुलना में भारतीय नौसेना नवयुवकों और युवतियों को करियर का बेहतर अवसर प्रदान करती हैI

The Indian Navy

Judge Advocate

न्यायाधीश महाधिवक्ता

न्यायाधीश महाधिवक्ता (जे ए जी) विभाग, भारतीय नौसेना सेवा का विधिक विभाग हैI एक न्यायाधिवक्ता के नौसेना अधिनियम 1957 की धारा 168 के तहत नियुक्त किया जाता है और न्यायिक अधिकारी में माना जाता हैI एक न्यायाधीश महाधिवक्ता की प्रमुख भूमिका संपूर्ण नौसेना विधिक क्षेत्र के लिए स्वतंत्र, संक्रियात्मक ढंग से केंद्रित, समाधान आधारित क़ानूनी सलाह और सेवाएँ प्रदान करना हैI जिससे नौसेना के ओपरेशनों और नौसेना के सुचारू प्रशासन में सहायता मिल सके न्यायाधीश माधिवक्ता विभाग भारतीय नौसेना के नियमों की आधार शिला है, जो व्यावसायिक तौर पर भारतीय नौसेना जैसे अनुशासित बल को क़ानूनी और न्यायिक ड्यूटी के निष्पादन में लक्षित विधिक समाधान प्रदान करता हैI

अतः न्यायाधीश महाधिवक्ता विभाग, नौसेना न्यायिक प्रणाली के प्रशासन और निरीक्षण में अपनी ज़िम्मेदारी उत्तरदायित्व प्रभावी ढंग से निभाने की महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है, जो अनिवार्य रूप से बेहतरीन व्यवस्था और अनुशासन को बनाए रखने से संबंधित है और नौसेना न्यायिक प्रणाली में विश्वास बनाए रखने में सहायक हैI